सोमनाथ महादेव क्षत्रिय घाँची सरदारो के इष्टदेव क्षत्रिय/राजपुत घाँची सरदार

क्षत्रिय घाँची समाज का सोमनाथ महादेव जो कि उनके पूर्वज राजपुत सरदारो के इष्टदेव भी थे जिनको उनके पूर्वज जब 800 वर्ष पूर्व अहिलनवाड़ा में रहते थे तब सभी राजपुत सोमनाथ से खास लगाव रखते थे


पाली में स्थित सोमनाथ मंदिर के निर्माण में क्षत्रिय घाँची समाज के राजा कुमारपालसिंह ने  जब अपना राज्य विस्तार जैसलमेर तक किया था तब उन्होंने तत्कालीन पाली में अपने भाई बंधुओ क्षत्रिय घाँची समाज के लिए अपने इष्टदेव सोमनाथ महादेव मंदिर निर्माण अपने राजकोषीय व्यय से क्षत्रिय घाँची सरदारो को देकर करवाया था
ताकि उनके क्षत्रिय घाँची सरदार यहाँ रहते हुए भी अपने इष्टदेव सोमनाथ महादेव की स्तुति कर सके और इस घटना का उल्लेख इतिहास में भी मिलता है

लेकिन वर्तमान में अपना क्षत्रिय घाँची समाज अपने इष्टदेव  सोमनाथ महादेव को भूल गया है और पाली के सोमनाथ मंदिर की रख रखाव में योगदान देना बंद कर दिया है ओर सोमनाथ महादेव की पूजा भी करनी बन्द कर दी है जबकि जैसे मेवाड़ राजपरिवार के लिए एकलिंग जी इष्टदेव है उसी प्रकार अहिलनवाड़ा के क्षत्रिय घाँची  व दूसरे वहाँ के सभी राजपूतो के लिये सोमनाथ महादेव इष्टदेवता थे !

गुजरात में स्थित सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण भी अपने समाज के राजा कर्णदेव ने शुरू करवाया था जिसका निर्माण कार्य जयसिंह ने जारी रखा व पूर्ण निर्माण क्षत्रिय घाँची समाज के संस्थापक कुमारपालसिंह के शासन में हुआ


सभी क्षत्रिय समाज बन्धु अपनी ओर से  जहाँ भी अपने इष्टदेव सोमनाथ महादेव का मंदिर हो वहाँ सहयोग करे प्रशासन के भरोसे न रहे 🙏🏻⚔

जय सोमनाथ महादेव

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